Department of Education

महाविद्यालय में शिक्षाशास्त्र विषय का प्रारम्भ 2013 में हुआा था। तब से आजतक महाविद्यालय अनवरत रुप से छात्र, छात्राओं के शैक्षिक विकास हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता चला आ रहा है। शिक्षाशास्त्र एक ऐसा अनुशासन है, जो छात्र, छात्राओं को शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति, क्षेत्र, एंव उसके महत्व तथा उद्देश्यों के सम्बन्ध में परिचित कराता है। शिक्षा के वृहद सम्प्रत्यय को समझने के बाद ही छात्र, छात्राएं अपने जीवन में शिक्षा के महत्व, उसकी उपयोगिता और अपनी योग्यता को पहचानने में सफल हो पाते है, और तद्नुसार वे अपने भावी जीवन की सम्भावनाओं को स्वंय तलाश कर अपने व्यक्तित्व एंव कृतित्व को निखारने का प्रयास करते हैं। जिससे उनके जीवन में आनन्द और अनुभूति का उल्लास होता है। कुल मिलाकर शिक्षा के सम्प्रत्यय को समझे बिना शिक्षा प्राप्त करना भी अर्थहीन रह जाता है।

महाविद्यालय में छात्र, छात्राओं को शिक्षा के सम्प्रत्यय एंव उसके विभिन्न पक्षों का बोध कराने हेतु निम्न प्रकार के उद्देश्य निर्धारित हैं।
1-छात्र, छात्राओं को स्वंय को जानने, पहचानने, एंव अपनी योग्यता के अनुसार अपना शैक्षिक विकास करने में सहायता करना।
2-छात्र, छात्राओं को अपनी रुचियों, अभिवृत्तियों एंव आदतों में आवश्यकतानुसार परिवर्तन कर सही दिशा में विकास करने में सहायता करना ।
3-व्यक्तित्व विकास का वृहद सम्प्रत्यय समझने एंव छात्रों को स्वंय के व्यक्तित्व विकास हेतु हर सम्भव व्यवहारिक, बौद्विक, शारीरिक, सामाजिक, एंव मनोवैज्ञानिक, पक्षों का अध्ययन एंव अध्यापन द्वारा मार्गदर्शन करना
4-छात्र, छात्राओं को शिक्षा मनोविज्ञान द्वारा व्यवहारिक शिक्षा का बोध कराना।
5-छात्र, छात्राओं को प्रशासन, संगठन, एंव प्रबन्धन जैसे महत्वपूर्ण सम्प्रत्ययों का बोध कराना।
6-छात्र, छात्राओं को बौद्विक, रुप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता करना।
7-छात्र, छात्राओं को शिक्षा मनोविज्ञान के सम्प्रत्यय, एंव मनोवैज्ञानिक परीक्षण, मापन और मूल्यांकन की प्रक्रियाअें से प्रयोग द्वारा परिचित कराने के साथ ही भारतीय शिक्षा के इतिहास एंव शिक्षा पद्दतियों से परिचित कराना।
8-छात्र, छात्राओं के सर्वागींण विकास हेतु पाठ्यक्रम की महत्ता, उपयोगिता, एंव जीवन में उसके व्यवहारिक पहलुओं का बोध कराना आदि शामिल है।

सुमेरचन्द सुमन
शिक्षाशास्त्र विभाग
शैक्षिक योग्यता- एम0 ए0, हिन्दी, बी0एड
एम0 ए0, शिक्षाशास्त्र, ( नेट, शिक्षाशास्त्र )
सुमेरचन्द सुमन, शिक्षाशास्त्र विभाग

Department of Hindi

राजकीय महाविद्यालय पुरोला-उत्तरकाशी का हिन्दी विभाग वर्ष 2013 में अस्तित्व में आया। हिन्दी विभाग को स्थापित करने का मुख्य उद््देश्य छात्रा-छात्राओं में हिन्दी भाषा एवं साहित्य के अध्ययन एवं आस्वादन के साथ ही उसके समकालिक रूप से तादात्म्य स्थापित करना भी है। महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के कौशल अभिवृद्धि संबंधी पाठ्यक्रमों पर भी दृष्टि केंद्रित की गई है।

हिन्दी भाषा में उत्कृष्ट दक्षता विकसित करने के लिए हिन्दी विभाग निम्न उद्देश्यों के लिए सतत् प्रयासरत् है-
Ø छात्र-छात्राओं के पढ़ने और लिखने के कौशल में सुधार करना।
Ø प्रभावी ढंग से बोलने और संवाद करने के निमित्त हिन्दी के माध्यम से वक्तृत्व क्षमता का विकास करना।
Ø व्यवहारिक संप्रेषण के उद्देश्य से भाषा का प्रभावी ढंग से उपयोग करने और तथा उन्हें सोचने और भाषा में विचारांे, भावनाओं को व्यक्त करने की क्षमता का विकसित करना।
Ø साहित्यिक अभिव्यक्ति के सभी रूपों का विश्लेषण, व्याख्या और मूल्यांकन करने के लिए छात्र-छात्राओं की क्षमता को सुदृढ़ करना।
Ø छात्र-छात्राओें को उनकी भाषा-बोली, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरुक बनाना।

हिन्दी विभाग
राजकीय महाविद्यालय
पुरोला-उत्तरकाशी
हिन्दी विभाग,राजकीय महाविद्यालय,पुरोला-उत्तरकाशी

Department of Political Science

The department was established in the year of 2013 at UG level. This department is committed to impart quality based education to the students of the region.

This department also provide the knowledge to its students to make them better citizen for the nation and society also. And to introduce them about the national and global problems not only in the field of political but in all walks of life. There are 60 seats in UG level approved by the HNB GarhwalUniversity with the course running in CBCS from the year 2015. There are 80 seats approved by the Sri DevSuman University. The first batch is being conducted under the semester system from the year of 2018.

The vision of the department is to provide advance knowledge and the right kind of leadership in all aspect of life.

Mr. Avdesh Bijalwan
M.A., B.Ed., U-SET,NET
Mr. Avdesh Bijalwan